➤ हिमाचल सरकार ने CBSE स्कूलों के लिए शिक्षक कैडर नियमों में किया संशोधन
➤ स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने वाले शिक्षकों को अब मिलेगा सब-कैडर चुनने का विकल्प
➤ डेपुटेशन के दौरान शिक्षकों की वरिष्ठता और प्रमोशन पर नहीं पड़ेगा कोई असर
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने “Scheme for CBSE Affiliated Schools of Excellence” के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी ताज़ा अधिसूचना के अनुसार, अब सरकारी स्कूलों के वे शिक्षक जो स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने के बाद CBSE संबद्ध स्कूलों में अपनी सेवाएँ देंगे, उन्हें ज्वाइन करने से पहले CBSE Teacher Sub Cadre चुनने का विकल्प देना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन स्कूलों में नियुक्ति के बावजूद शिक्षकों का लियन (Lien) उनके मूल पैरेंट कैडर में ही बना रहेगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन शिक्षकों की सीनियरिटी (Seniority), प्रमोशन और सेवा की अन्य शर्तें उनके मूल कैडर में किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होंगी।
प्रमोशन होने की स्थिति में, ये शिक्षक रिक्तियों के आधार पर वापस नॉन-CBSE या CBSE स्कूलों में पोस्टिंग के लिए पात्र होंगे। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी यह आदेश प्रदेश के उन हज़ारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो करियर ग्रोथ के साथ-साथ अपनी वरिष्ठता खोने के डर से संशय में थे।



